मीरजापुर, 27 जनवरी(हि.स.)। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव में पांच दिनों से लापता श्रमिक का शव मंगलवार शाम घर से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल में दफनाया मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और गड्ढा खुदवाकर शव बाहर निकलवाया।

देवहट गांव की कोल बस्ती निवासी 56 वर्षीय श्रमिक छोटकऊ कोल बीते 22 जनवरी की रात घर से लगभग तीन सौ मीटर दूर खेत में फसलों की रखवाली करने गए थे। 23 जनवरी की सुबह जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद कोई सुराग न मिलने पर मृतक के साले बसंत लाल ने 24 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

मंगलवार शाम सजहवा बाउली जंगल की ओर गए चरवाहों को वहां दुर्गंध महसूस हुई। पास जाकर देखने पर एक गड्ढे से बदबू आ रही थी और उसके पास एक लाठी पड़ी मिली। जानकारी मिलने पर ग्रामीणों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष भारत सुमन, एसआई सुभाष यादव व पुनीत गुप्ता ने गड्ढा खुदवाया तो चादर में बंधा शव बरामद हुआ।
फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। मृतक के पुत्र लवकुश कोल ने शव की पहचान अपने पिता के रूप में की। शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
