

रांची, 15 फरवरी (हि.स.)।

झारखंड के देवघर जिले के केके स्टेडियम से रविवार को महाशिवरात्रि पर निकाले गये शिव बारात की एक झलक पाने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े।

महाशिवरात्रि पर पूरा शहर दिन भर बोल बम और हर हर महादेव के जयघोष से गूंजयमान रहा। शिव बारात की एक झलक पाने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े।
झारखंड के अलग-अलग जिलों सहित बिहार और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में भक्त शिव बारात देखने देवघर पहुंचे। सड़क किनारे लाइन में खड़े लोगों की आंखों में उत्साह और चेहरों पर भक्ति की चमक साफ दिख रही थी। पूरा माहौल भक्ति, खुशी और जश्न से भर गया।
शिव बारात में भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार था। देवघर एसपी सौरभ कुमार खुद बाइक चलाकर अलग-अलग इलाकों का जायजा लेने निकले। वे अलग-अलग जगहों पर पुलिस फोर्स की तैनाती का जायजा लेते और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते दिखे।
इस अवसर पर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि शिव बारात केवल एक धार्मिक शोभायात्रा नहीं, बल्कि हमारी लोक-परंपरा, सांस्कृतिक उत्साह और सामूहिक आस्था का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा भगवान शिव की बारात अद्भुत मानी जाती है, इसमें देव, दानव, योगी सभी सम्मिलित होते हैं। यह हमें यह संदेश देती है कि महादेव सबको स्वीकार करते हैं। उनके द्वार पर कोई भेदभाव नहीं है।
वहीं, एसपी सौरभ कुमार ने बताया कि भारी भीड़ को देखते हुए जिला पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है। अलग-अलग संवेदनशील जगहों पर अलग से पुलिस फोर्स तैनात की गई है, और वे खुद पूरे इंतजाम पर नज़र रख रहे हैं। शहर भर के अलग-अलग चौराहों पर जश्न का माहौल रहा। भक्त नाचते, गाते और बोल बम सहित भगवान भोलनाथ का नारा लगाते दिखे।
रांची के पहाड़ी मंदिर में निकाला गया बारात
रांची के पहाड़ी मंदिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बारात में आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के रूप में सजे कलाकारों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भूत-प्रेत और शिवगणों की टोली ढोल-नगाड़े और डमरू की थाप पर झूमती नजर आई। श्रद्धालु भी भक्ति भाव से नृत्य करते हुए बारात में शामिल हुए।
शिव बारात शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह फूल बरसाकर और आरती उतारकर स्वागत किया गया। आयोजन को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन महासमिति और स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
