चंडीगढ़, 07 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि हरियाणा नस्ल की गाय ने पूरी दुनिया में विख्यात होकर ख्याति प्राप्त की है। दूध उत्पादन में भी हरियाणा प्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के कुल दूध उत्पादन का 36 प्रतिशत दूध हरियाणा में उत्पादन हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री सिंह शनिवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वें राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि वो प्रत्येक गांव में सहकारी समितियां खोलकर पशुपालकों को लाभ दें। दूध के निर्यात को बढ़ाने में सहकारी समिति अच्छी भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की भूमि पर आयोजित इस मेले में प्रदेशभर से अच्छी नस्ल के पशुओं को लेकर पशुपालक पहुंचे हैं। यहां के पशुपालकों में पशुओं के प्रति काफी प्रेम देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि देश के करीब 10 करोड़ लोगों की आजीविका पशुधन के क्षेत्र पर निर्भर है। इसी क्षेत्र ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। केंद्र की तरफ से आने वाले समय में और योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस समय 19 लाख करोड़ रुपये का बाजार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश में दूध का कुल उत्पादन 146.3 मिलियन टन होता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पशुपालकों की चिंता की और इस क्षेत्र की तरफ पूरा ध्यान दिया। कृषि विभाग से अलग करके पशुपालन विभाग का अलग मंत्रालय बनाया गया, ताकि पशुपालन के क्षेत्र को ऊंचाइयों तक लेकर जाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयास से अब देश में दूध उत्पादन 248 लाख मिलियन टन पर पहुंच गया है। इस बंपर उत्पादन के साथ भारत विश्व में सबसे ज्यादा मात्रा में दूध का उत्पादन करने वाला देश बन गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
