नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार 6जी विजन और 6जी तकनीक के मानकीकरण को लेकर 18 मार्च को अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगी। इसका उद्देश्य देश में 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और तैनाती में अग्रणी वैश्विक योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करना है।

केद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि यहां विज्ञान भवन में दूरसंचार विभाग के तकनीकी इकाई संचार अभियंत्रिकी केंद्र (टीईसी) द्वारा आयोजित होने वाली इस कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे, जबकि विशेष संबोधन संचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मसानी चंद्रशेखर देंगे। इसमें दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठनों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और शोध समुदाय के सदस्य भाग लेंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में कई तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ चर्चाएं होंगी, जिनमें 6जी मानकीकरण का वैश्विक रोडमैप, अगली पीढ़ी की नेटवर्क आर्किटेक्चर, भविष्य के मोबाइल नेटवर्क के लिए स्पेक्ट्रम योजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का एकीकरण, सुरक्षा और भरोसे के ढांचे, रेडियो एक्सेस नेटवर्क (आरएएन) तकनीक में विकास, उभरते 6जी के प्रयोग और भारत का 2030 तक का रोडमैप शामिल होंगे।
दूरसंचार विभाग ने बताया कि घरेलू नवाचार को मजबूत करना और वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण में भारत की भूमिका को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार (आईएमटी)-2030 और भविष्य की मोबाइल प्रणालियों पर अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के बीच यह कार्यशाला भारत को वैश्विक दूरसंचार मानकों की रूपरेखा तय करने के लिए जरूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर
