दक्षिण दिनाजपुर, 03 मार्च (हि. स.)। जिले के बालुरघाट दोल पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंगलवार को शहर स्थित शताब्दी प्राचीन बुरा काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही आत्रेयी नदी तट पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।

धार्मिक उत्साह और आस्था के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने बुरा काली माता, शीतला माता और भोलेनाथ बाबा के चरणों में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने देवी को अबीर अर्पित कर अपनी आराधना शुरू की और मंदिर परिसर रंगों से सराबोर हो उठा।

दोल उत्सव के अवसर पर मंदिर प्रांगण में विशेष भोग की व्यवस्था की गई थी। खिचड़ी और अन्य प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे हजारों भक्तों ने ग्रहण किया।
मान्यता है कि यह बुरा काली मंदिर तांत्रिक साधना का प्रमुख केंद्र रहा है। सौ साल से अधिक पुरानी इस परंपरा के तहत हर वर्ष यहां दोल पूर्णिमा का आयोजन भव्य रूप से किया जाता है।
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ लोगों ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
