चतरा, 21 मार्च (हि.स.)। टंडवा प्रखंड परिसर के समीप स्थित सरना स्थल पर शनिवार को प्रखंड स्तरीय सरहुल पर्व हर्षोल्लास, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरना समिति अध्यक्ष मोहन उरांव और संचालन शिक्षक पौलूस उरांव ने किया ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एनटीपीसी एचओपी आलोक त्रिपाठी, मगध परियोजना के जीएम चितरंजन कुमार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बीडीओ सह सीओ देवलाल उरांव, मध्य जिप सदस्य सुभाष यादव, थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पप्पू शर्मा, मगध पीओ एस. सत्यनारायण, एजीएम नीरज राय तथा सीनियर प्रबंधक अभिषेक आनंद उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पर्व की शुरुआत सरना स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें प्रकृति की आराधना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं अच्छी फसल की कामना की गई। पाहन द्वारा पारंपरिक विधि से पूजा संपन्न कराई गई। कार्यक्रम से पूर्व उच्च विद्यालय टंडवा मैदान से सरना स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद मांदर और नगाड़ों की थाप पर युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर पूरे माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। मुख्य अतिथि आलोक त्रिपाठी ने सरहुल पर्व को प्रकृति पूजा और आदिवासी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताते हुए इसे संरक्षित रखने पर जोर दिया।
उन्होंने एनटीपीसी की ओर से 25,000 पौधे लगाने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, भाईचारे और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। इस मौके पर सरना समिति सचिव धनेश्वर उरांव, कोषाध्यक्ष जगेश्वर उरांव, राहम मुखिया विश्वजीत उरांव, कल्याणपुर मुखिया महेश मुंडा, मुखिया सीता देवी, संतोष नायक, पूर्व प्रमुख सीताराम साहू, उपमुखिया राजेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी
