
अररिया, 30 जनवरी(हि.स.)।

फारबिसगंज के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में शुक्रवा को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शहीद दिवस के रूप में मनाई गई।
शिक्षक राजीव रंजन ने बच्चों को महात्मा गांधी के बारे जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की पुण्यतिथि हर वर्ष शहीद दिवस के रूप में 30 जनवरी को मनाया जाता है।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर गुजरात में हुआ था।उन्हें अंग्रेजों से स्वतंत्रता के लिए भारत में संघर्ष सत्य एवं अहिंसा की उनकी नीति के लिए याद किया जाता है। गांधी जी ने अपनी संपूर्ण अहिंसा का पद्धति को सत्याग्रह का नाम दिया।
महात्मा गांधी के प्रमुख आंदोलन में चंपारण सत्याग्रह असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह ,दांडी मार्च, भारत छोड़ो आंदोलन है।30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मौके पर पूज्य बापू के साथ जयशंकर प्रसाद,माखनलाल चतुर्वेदी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि देकर श्रद्धांजलि दी गई। बच्चों ने गगन भेदी नारे लगाए।
शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि बापू के सपने तभी सच हो सकती है जब हम लोग पूर्णतः अपने स्वदेशी सामान का प्रयोग करें।बाल विवाह, भ्रूण हत्या,अत्याचार,लालच, भ्रष्टाचार,जाति प्रथा एवं दहेज जैसी कुप्रथा को बंद करेंगे।
कार्यक्रम को प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह,शिक्षक रंजीत कुमार, कवि संजीव कुमार निगम ने बारी-बारी से संबोधित करते हुए दिवस ज्ञान के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूल के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर
