कोहिमा, 13 मार्च (हि.स.)। नगालैंड के लोक भवन में शुक्रवार काे आयोजित एक समारोह में नंद किशोर यादव ने नगालैंड के 23वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। पद की शपथ गौहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और विधानसभा अध्यक्ष शेरिंगेन लोंगकुमेर की मौजूदगी में दिलाई।

यादव को 5 मार्च को राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने अजय कुमार भल्ला की जगह ली, जो मणिपुर के राज्यपाल के तौर पर काम करते हुए नगालैंड के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के मंत्री, विधायक, आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ नौकरशाह और पुलिस एवं सुरक्षा बलों के अधिकारी शामिल हुए। समारोह के बाद, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों से बातचीत की।
अपने संबोधन में, नंद किशोर यादव ने कहा कि भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत में नगालैंड का एक विशेष स्थान है। उन्होंने नागा लोगों की परंपराओं, जुझारूपन और मजबूत सामुदायिक मूल्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र पर नए सिरे से ध्यान दिया गया है और निवेश किया गया है, खासकर कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में। इससे इस क्षेत्र को देश के विकास के साथ और करीब से जोड़ने में मदद मिल रही है, साथ ही इसकी अनूठी पहचान भी बनी हुई है।
राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, यादव ने कहा कि नगालैंड बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
उन्होंने शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया।शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए, राज्यपाल ने कहा कि स्थायी शांति, सद्भाव और विकास के लिए लोगों की आकांक्षाएं सर्वोपरि हैं।
यादव ने कहा कि वह संविधान की रक्षा करने का प्रयास करेंगे और सुशासन, समावेशी विकास तथा नगालैंड के लोगों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार और समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर काम करेंगे।——————–
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
