पश्चिमी सिंहभूम, 27 जनवरी (हि.स.)। जिला में झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा की ओर से चाईबासा नगर परिषद के अध्यक्ष पद को अनारक्षित (सामान्य) घोषित किए जाने के विरोध में मंगलवार को सदर अनुमंडल कार्यालय, चाईबासा के समक्ष धरना और विरोध प्रदर्शन किया गया।

मोर्चा ने इस निर्णय को आदिवासी बहुल क्षेत्र में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार और प्रतिनिधित्व पर सीधा हमला बताया।

धरना को संबोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि गणतंत्र के 77 वें वर्ष में भी सरकारें आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चाईबासा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां राज्यपाल को आदिवासियों के संरक्षक की भूमिका निभानी होती है, लेकिन नगरपालिका चुनावों को लेकर राज्यपाल का मौन चिंताजनक है।
उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा पर आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर रहते हुए पार्टी नगरपालिका चुनावों का विरोध करती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद अध्यक्ष पद जीतने की होड़ में शामिल हो गया है।
ईचा खरकई बांध विरोधी संघ के जिला उपाध्यक्ष रेयांस समड ने कहा कि झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के आंदोलन के दबाव में राज्य निर्वाचन आयोग ने जल्दबाजी में चुनाव तिथि घोषित की है। उन्होंने इसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में असंवैधानिक तरीके से चुनाव थोपने का प्रयास बताया।
ईचा खड़कई बांध विरोधी संघ के जिला सचिव सुरेश चंद्र सोय ने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में पेसा कानून के बिना नगरपालिका चुनाव कराना असंवैधानिक है। धरना के बाद अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा गया, जिसमें चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष पद को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने और पेसा नियमों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया लागू करने की मांग की गई।
धरना कार्यक्रम में कोल्हान आदिवासी एकता मंच के संयोजक यदुनाथ तीयू, कोल्हान मानकी मुंडा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुआ, केंद्रीय महासचिव चंदन होंनहगा, प्रेस प्रवक्ता शत्रुघ्न कुंकल, सुशील पूर्ति, पवन बिरुवा, हेमंत बिरुवा, दुर्गाचरण कुंकल, वसील हेंब्रम, आकाश हेंब्रम, जीवन देवगम सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
