नवादा, 06 अप्रैल (हि.स.)।बिहार–झारखंड सीमा पर स्थित रजौली जांच चौकी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जांच व्यवस्था की पोल तब खुल गई जब सोमवार को चेक पोस्ट पार करने के कुछ ही दूरी पर अंग्रेजी शराब से लदी एक स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। घटना सोमवार को लगभग तीन बजे रजौली ओवरब्रिज के पास बीएसएनएल कार्यालय के सामने घटी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इसके पूर्व चेक पोस्ट पर तैनात अधिकारी व पुलिसकर्मी स्कॉर्पियो की जांच की थी लेकिन जांच में शराब लदे स्कॉर्पियो को छोड़ दिया गया, जिससे जांच चौकी पर तैनात अधिकारियों की शराब माफियाओं से मिली भगत की पोल खुल गई है अब देखना है कि वरिष्ठ अधिकारी किस तरह से कार्रवाई कर पाते हैं। नवादा जिले में चांद चौकी अवैध कमाई के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों का कामधेनु सिद्ध हो रही।

बताया जाता है कि स्कॉर्पियो (संख्या BR 01JP 3789) में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब लदी हुई थी। दुर्घटना होते ही चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कॉर्पियो के पीछे एक अन्य वाहन भी चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि उसी वाहन में सवार होकर चालक फरार हो गया। इस घटना से यह संकेत मिल रहा है कि शराब तस्करी नवादा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर संगठित ढंग से की जा रही थी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बिहार–झारखंड सीमा पर उत्पाद विभाग की जांच चौकी मौजूद है, तो इतनी बड़ी मात्रा में शराब जांच से बचकर कैसे आगे बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच चौकी पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है और अवैध कारोबार को रोकने में लापरवाही बरती जा रही है। कुछ लोगों ने “सेटिंग” के जरिए वाहनों को पार कराने की भी चर्चा की है।
घटना की सूचना मिलते ही रजौली थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।इस घटना के बाद जिला प्रशासन तथा उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रह सके। समाजसेवी दिनेश अकेला ने कहा है कि चेक पोस्ट की अवैध कमाई जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी बांट कर खाते हैं इसलिए अवैध कारोबार को संरक्षण करने में अपना पूरा योगदान देते हैं ।जिसकी राज्य स्तरीय टीम से जांच होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन
