मुंबई, 11 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों के मामले में राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में बुधवार को कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और अब तक 14 मामलों में मकोका के तहत केस दर्ज किए गए हैं। इस मामले में सरकार का रुख पूरी तरह से ‘जीरो टॉलरेंस’ है।

मंत्री योगेश कदम ने कहा कि सरकार ने नशीले पदार्थों की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए एक एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई है। इस टास्क फोर्स का मुख्य काम नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करना और इसके पीछे की पूरी चेन का पता लगाना है। नशीले पदार्थों के रैकेट के मुख्य आरोपितों के साथ-साथ सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से उनकी मदद करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ड्रग सप्लाई चेन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है और कच्चा माल सप्लाई करने वालों पर मकोका के तहत कार्रवाई की जा रही है। सतारा जिले के जवाली तालुका में सामने आए ड्रग मामले में 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और सभी के खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज किए गए हैं। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। कुछ जगहों पर ग्रामीण इलाकों में बंद फैक्ट्रियों या शेड में चुपके से ड्रग्स बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं इसलिए पुलिस और प्रशासन ने मिलकर अभियान चलाकर ऐसी जगहों पर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस को अलर्ट रखा है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
