नारनाैल, 27 जनवरी (हि.स.)। नारनौल में मंगलवार को सुबह तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इसके बाद दोपहर तक बारिश का दौर शुरू रहा। वहीं जिले के महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली, और सतनाली क्षेत्र में भी वर्षा हुई। लेकिन नारनौल क्षेत्र में अधिक ओलावृष्टि के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चली, जिससे क्षेत्र में ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। वहीं किसान फसलों में नुकसान होने की संभावना को लेकर चिंतित हो गए हैं।

किसानों का कहना है कि इस बार सर्दियों में बारिश नहीं हुई। जिसके चलते सूखी सर्दी पड़ी और फसलों को पाला पड़ने के कारण काफी नुकसान भी हुआ। मगर 23 जनवरी को क्षेत्र में इस सीजन की पहली बारिश हुई। बारिश के कारण फसलों में थोड़ी जान आई। मगर आज फिर से ओलावृष्टि हो गई। जिसके कारण इन गांवों में फसलों को नुकसान होने की संभावना बन गई है। किसानों ने बताया कि इस समय फसलें पकाऊ मोड़ पर हैं। किसानों की सरसों की फसल खेतों में लहलहा रही है। इन पर फूल व फलियां आई हुई हैं। ऐसे में ओलावृष्टि से फूल व फलियां दोनों ही झड़ जाएंगी। इससे किसानों को नुकसान होगा। सुबह हुई ओलावृष्टि के बाद क्षेत्र में बारिश जारी रही। मौसम के जानकार डा चंद्रमोहन का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते बारिश का यह दौर दो दिन और जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला
