नारनाैल, 12 मार्च (हि.स.)। जिले के गांव गुवानी में जल अर्पण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत गुवानी की सरपंच रीना यादव एवं मुख्य अध्यापिका कवित्रा देवी द्वारा ट्यूबवेल को रक्षासूत्र बांधकर किया गया।

सरपंच रीना यादव ने गुरूवार को कहा कि पानी की एक-एक बूंद अनमोल है और हमें इसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। यह ईश्वर का दिया हुआ अमूल्य उपहार है, जिसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जलापूर्ति की जिम्मेदारी पंचायतों को सौंपना एक महत्वपूर्ण निर्णय है और पंचायतें इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए हमें जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए तथा नलों पर टोंटी लगाकर पीने के पानी को व्यर्थ बहने से रोकना चाहिए और जल संचयन को बढ़ावा देना चाहिए।
जल जीवन मिशन के जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने जल अर्पण दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत एवं ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को सौंपना है। यह पहल जल जीवन मिशन के तहत निर्मित बुनियादी ढांचे के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव को सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बच्चे के जन्म पर कुएं की पूजा की जाती है, उसी प्रकार नलकूपों व पेयजल स्रोतों को रक्षासूत्र बांधकर यह संकल्प लिया जाता है कि हम अपने पेयजल स्रोतों की स्वयं रक्षा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने कविताओं के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। इस मौके पर ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला
