मुंबई, 25 जनवरी (हि.स.)। महानगर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मुंबई मनपा प्रशासन ने सरकारी निर्माण कार्यों के साथ ही निजी निर्माणकार्यों को काम बंद करने की नोटिस जारी की है। जिन्हें नोटिस जारी की गई है, उसमें रहेजा ग्रुप, टाटा प्रोजेक्ट व कल्पतरु जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इससे बिल्डरों व ठेकेदारों में हलचल मच गई है।

कुछ निजी आर्किटेक्टर को भी नोटिस भेजा गया है, जो वायु प्रदूषण मानकों का पालन करने में विफल रहे हैं। मनपा के पर्यावरण विभाग और संबंधित वार्ड अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण में पाया गया है कि कई निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए गए थे। कई जगहों पर निर्माण सामग्री खुले में रखी गई थी, पानी का छिड़काव नहीं हो रहा था और साइट के चारों ओर अनिवार्य ग्रीन नेट अथवा कवर शीट भी नहीं लगाई गई थी। इसके कारण आसपास के इलाकों में भारी मात्रा में धूल फैल रही थी। मनपा अधिकारियों के अनुसार ये सभी निर्माण स्थल महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) और बीएमसी द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे।
निर्माण गतिविधियों से निकलने वाली धूल मुंबई में पीएम-10 और पीएम-2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों का स्तर तेजी से बढ़ा रही है। इसका सीधा असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और दमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति गंभीर बनती जा रही है। पिछले दिनों बांबे हाई कोर्ट ने महानगर में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर मनपा प्रशासन को फटकार लगाई थी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
