कोलकाता, 18 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मतदान स्तर अधिकारियों को निलंबित कर दिया। आयोग ने पांच संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने तथा प्राथमिकी दर्ज करने का भी निर्देश दिया है।

निलंबित किए गए अधिकारियों में उत्तर 24 परगना जिले के तपन कुमार साहा, अभिजीत डे और कुमारजीत दत्ता शामिल हैं। इन पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का आरोप है। यह निर्वाचन आयोग के उन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना गया है, जिनके तहत चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक दल के लिए गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं है।
आयोग ने पहले तीनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तपन कुमार साहा और अभिजीत डे के जवाब से आयोग संतुष्ट नहीं हुआ, जबकि कुमारजीत दत्ता ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया।
इसी बीच निर्वाचन आयोग ने बिधाननगर नगर पुलिस आयुक्त मुरली धर शर्मा को भी पद से हटाने का निर्देश दिया है। उनकी जगह त्रिपुरारी अथर्व को नियुक्त किया गया है। नए अधिकारी को शनिवार सुबह 11 बजे तक कार्यभार संभालने को कहा गया है।
इससे पहले आयोग ने मुरली धर शर्मा को तमिलनाडु में पुलिस प्रेक्षक के रूप में भेजने का आदेश दिया था। बाद में यह आदेश स्थगित कर दिया गया और वह बिधाननगर पुलिस आयुक्त पद पर बने रहे। हालांकि, इसी तरह स्थानांतरित किए गए अन्य 13 भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों के तबादले के आदेश बरकरार रखे गए हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना और परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
