पूर्वी सिंहभूम, 09 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद शाइस्ता परवीन उर्फ जेबा खान ने सोमवार को मानगो स्थित अपने कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला। प्रेस वार्ता के दौरान वे कई बार फूट-फूटकर रो पड़ीं और आरोप लगाया कि उन्हें कांग्रेस से इसलिए बाहर किया गया क्योंकि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता होने के साथ मुस्लिम समाज से आती हैं। उन्होंने इसे न सिर्फ व्यक्तिगत अन्याय बताया, बल्कि कांग्रेस की लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ करार दिया।

जेबा खान ने कहा कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य रही हैं और पार्टी के हर आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहीं। सीएए-एनआरसी आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन तक उन्होंने सड़कों पर संघर्ष किया और भारत जोड़ो यात्रा में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4200 किलोमीटर पैदल चलकर राहुल गांधी की सिपाही के रूप में काम किया। इसके बावजूद उन्हें अपने हक और अधिकार की बात करने की सजा दी गई।
उन्होंने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर गुटबाजी और भाई-भतीजावाद हावी है। उनके अनुसार, 2022 में बन्ना गुप्ता ने अपने भाई को जिला अध्यक्ष बनवाने की कोशिश की और 2025 में अपनी पसंद का अध्यक्ष बनवाने में सफल रहे। उसी राजनीतिक दबाव का नतीजा उनका निलंबन है। जेबा खान ने यह भी आरोप लगाया कि अब बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी को मेयर बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं और अल्पसंख्यक नेताओं की अनदेखी की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
