ऊना, 10 मार्च (हि.स.)। ऊना में चल रही नोर्थ जोन अंतर विश्वविद्यालय महिला हैंडबाल प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों के कोचिस ने रेफरी पर पक्षपात करने के आरोप जड़े है। कोचिस का कहना है कि उक्त रेफरी पंजाब टीम का कोच है और उसे ही एलपीयू व पंजाब यूनिवर्सिटी के मैच में रेफरी बनाया गया है। ऐसे में उक्त रेफरी पर्सनल इंटरेस्ट के चलते अन्य टीमों के साथ भेदभाव कर रहे है।

उन्होंने कहा कि एलपीयू यूनिवर्सिटी टीम में 8 में से 6 खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तरीय खिलाड़ी है। अभी हाल ही में हुई एशियन गेम्स में इन्होंने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में देश की पांचवीं पोजिशन रही। इन इंटरनेशनल स्तरीय खिलाडिय़ों को जिला स्तर के खिलाडिय़ों से हरवाया जा रहा है, जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उपायुक्त ऊना जतिन लाल के समक्ष विभिन्न टीमों के कोचिस व खिलाडिय़ों ने रेफरी पर भेदभाव करने के आरोप जड़ दिए। खिलाडिय़ों ने कहा कि आज सुबह मंडी व जींद यूनिवर्सिटी के बीच मैच हुआ। इसमें भी यहीं रेफरी थी। इसके कुछ देर बाद एक अन्य मैच में भी इसी रेफरी को लगाया गया। उन्होंने पर्सनल इंटरनेस्ट के चलते सेम रेफरी को लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी पिछले दो बार के नेशनल चैंपियन है। वहीं उक्त खिलाड़ी इंडिया का भी प्रतिनिधत्व करते है। ऐसे खिलाडिय़ों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। उन्होंने मैनेजमेंट से आग्रह किया कि मैच सहीं तरीके से करवाएं जाएं, अन्यथा वे अपनी टीमों को वापिस ले जाएंगे। इसके बाद प्रतियोगिता के प्रबंधकों ने सभी चारों रेफरी को बदलकर नए रेफरी लगाए। इसके बाद काफी देर बाद एलपीयू व पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच मैच आरंभ हो पाया।
उधर, उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि उनके समक्ष कुछ टीमों के कोचिस ने रेफरी पर पक्षपात करने की समस्या रखी थी। टीम प्रबंधकों के साथ बात करके नए रेफरी लगाए गए है। ——————
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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल
