
पूर्वी सिंहभूम, 15 अप्रैल (हि.स.)।

सोनारी स्थित डोबो पुल पर मंगलवार देर रात लावारिस हालत में मिली स्कूटी के मामले ने बुधवार सुबह एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया। जिस युवक को लेकर पुलिस और परिजन पूरी रात स्वर्ण रेखा नदी में खोजबीन करते रहे, वह युवक सुरक्षित साकची में मिला। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि पूरे शहर को रात भर उलझन और चिंता में डाले रखा।
जानकारी के अनुसार, परसुडीह गोलपहाड़ी निवासी 26 वर्षीय अविनाश कुमार मंगलवार रात करीब 11 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। डोबो पुल पर उसकी प्लेजर स्कूटी, मोबाइल फोन और चाबी लावारिस हालत में मिलने के बाद परिजनों ने आशंका जताई कि उसने नदी में छलांग लगा ली है। सूचना मिलते ही सोनारी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व स्थानीय लोगों के साथ रात भर टॉर्च की रोशनी में सुवर्णरेखा नदी में उसकी तलाश की जाती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इस सनसनीखेज घटना से इलाके में हड़कंप मच गया था। परिजन रो-रोकर बेहाल थे और हर कोई युवक की सलामती को लेकर चिंतित था। लेकिन बुधवार सुबह मामला पूरी तरह पलट गया। पता चला कि अविनाश पूरी रात साकची गुरुद्वारा के पास एक किराए के मकान में ठहरा हुआ था। सुबह मकान मालिक ने उसके परिजनों को फोन कर जानकारी दी, जिसके बाद उसका मामा टिंकू, जो सोनारी में रहते हैं, उसे अपने साथ घर ले गए।
जांच में सामने आया कि अविनाश अपनी पत्नी के साथ चल रहे लंबे समय से विवाद को लेकर मानसिक रूप से तनाव में था। वह गोविंदपुर में किराए के मकान में पत्नी के साथ रह रहा था और दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। इसी पारिवारिक तनाव से नाराज़ होकर उसने यह पूरा ड्रामा रचा, जिससे ऐसा लगे कि उसने खुदकुशी कर ली है।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां पुलिस और स्थानीय लोग पूरी रात नदी में उसकी तलाश में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर युवक आराम से शहर में ही मौजूद था। इस तरह की हरकत से न केवल पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग हुआ, बल्कि परिजनों और शहरवासियों को भी अनावश्यक रूप से मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, इस तरह की झूठी सूचना फैलाकर प्रशासन को गुमराह करने के मामले में कानूनी कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
