
नगर आयुक्त के विरोध में सत्ताधारी दल के पार्षदों ने जमकर कांटा बवाल,ननि के गेट पर घण्टों बैठे धरने पर

झांसी, 10 मार्च (हि.स.)। नगर निगम प्रशासन एवं नगर आयुक्त के रवैया को लेकर सत्ताधारी दल के सभी पार्षद नगर निगम के मुख्य गेट पर आज धरना देने पर मजबूर हो गए। उन्होंने नगर आयुक्त पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी पार्षदों ने विकास कार्यों का हवाला देते हुए जनता के विरोध का सामना करने की भी बात कही। इस दौरान उन्होंने किसी भी अधिकारी को नगर निगम के अंदर नहीं घुसने दिया। यहां तक कि अपर नगर आयुक्त गौरव कुमार को घुसने से रोक दिया।
नेता सदन बंटी राजा ने कहा कि सदन में जनता के हित के प्रस्ताव पास होते हैं। उनका अनुपालन नगर निगम करता है पर जो प्रस्ताव पास हुए हैं उनका अनुपालन नहीं हुआ। नगर निगम प्रशासन की तानाशाही चल रही है। इसको नगर आयुक्त द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। बंटी राजा ने सीधा नगर आयुक्त आकांक्षा राणा पर आरोप लगाया कि नगर आयुक्त का कहना है कि यहां वही होगा जो वह चाहेंगीं। जिसके क्रम में व्यापारी, सफाई कर्मचारी सब का उत्पीड़न हो रहा है। पार्षदों के बैठने के लिए कक्ष तक नहीं है। महिलाओं के बैठने के लिए कोई जगह नहीं है। टॉयलेट गंदे पड़े हैं। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। वार्डों में 6-6 महीने से कन्नी तक नहीं चली और अधिकारियों के बंगलों में दो-दो करोड रुपये से रिनोवेशन के कार्य हो रहे हैं। काफी देर तक नगर निगम में पार्षदों का क्रोध फूटता रहा। कई घंटे तक पार्षद धरने पर बैठे रहे। उनकी बात सुनने के लिए अपर नगर आयुक्त राहुल यादव मौके पर पहुंचे तो पार्षदों ने उन्हें भी जमीन पर बैठ कर अपनी बात सुनने पर मजबूर कर दिया। इस सब के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो फिर शाम 7 बजे थाना नवाबाद पुलिस की भी धरना प्रदर्शन स्थल पर एंट्री हो गई। शाम 7 बाद के बाद नगर आयुक्त नीचे उतरी और पार्षदों से बिना बात किए कल का समय देकर गाड़ी में बैठकर चली गई। इसके बाद पार्षद फिर नाराज हो गए और नारेबाजी की।
धरना स्थल पर उपसभापति आशीष तिवारी, नेता सदन बंटी राजा, पार्षद सुनील नेनवानी, कामेश अहिरवार ,लखन कुशवाह, रितिक गौरव तिवारी, उमेश जोशी, अरविंद झा,भरत सेन ,प्रियंका साहू, नीता विकास यादव, आशीष चौकसे, वीरेंद्र खटीक, बंटी मुकेश सोनी, गोकुल दुबे आदि पार्षदगण मौजूद रहे।
नगर आयुक्त ने दी सफाई
धरना पर बैठे पार्षदों को लेकर नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने भी अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यदि यह कहा जा रहा है कि काम नहीं हो रहे हैं तो यह तथ्यहीन है। कुछ कामों का वर्क आर्डर जनवरी में दे दिया गया है। कुछ काम अभी होना है जिनके टेंडर निकल चुके हैं। कुछ वार्डों का काम बचा है। एक-दो दिन में टेंडर हो जाएंगे। हमने 60 वार्डों में काम को लेकर टेंडर कर दिया है। मार्च में टेंडर खुलेंगे तो काम होंगे। यदि किसी को समस्या है, कोई गतिरोध है तो वह यहां आकर हमारे साथ बैठकर वार्तालाप कर सकता है। हमारा कार्यालय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।
वैवाहिक होर्डिंग पर मुकदमा
सोमवार को बीकेडी चौराहे से आंतिया तालाब जाने वाले रास्ते का निरीक्षण किया गया। रास्ते पर 02 बड़े होर्डिंग लगे पाये गये। जांच में पाया गया कि उक्त होर्डिंग्स एवं 15 कियास्क नगर निगम से बिना अनुमति के लगवाये गये है। होर्डिंग्स के विज्ञापन पट पर राकेश कुशवाहा पुत्र स्व. भोला सिंह की पुत्री के विवाह डॉ. निशा संग अंकित व परिवार द्वारा अवैध होर्डिंग्स लगाकर नगर निगम की विज्ञापन नियमावली का उल्लंघन किया गया था। इस मामले में राकेश कुशवाहा पुत्र स्व. भोला सिंह के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट नबावाद थाना में दर्ज करा दी गयी। इस बात को लेकर जनता के बीच चर्चाएं आम हैं कि हर दूसरे दिन सत्ता व विपक्ष के मठाधीशों के आगमन पर सैकड़ों अवैध होर्डिंग्स नियमों को ताक पर रखकर लगाई जाती हैं। आज तक उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। लेकिन किसी के विवाह की होर्डिग नगर निगम को अवैध दिखी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया
