चित्तौड़गढ़, 07 अप्रैल (हि.स.)। जिले में सोमवार रात को चित्तौड़-कोटा रेलवे ट्रेक को डिरेल करने की साजिश विफल हो गई। अज्ञात व्यक्तियों ने चित्तौड़गढ़-कोटा ट्रेक पर ओराई नदी की पुलिया समीप पुरानी पटरी का हिस्सा डाल दिया था। लेकिन गनीमत यह रही कि मालगाड़ी से टकरा कर लोहे का टुकड़ा दूर जा गिरा। सूचना के बाद कोटा और चित्तौड़गढ़ के अधिकारी मौके पर पहुंचे वहीं रेलवे और आरपीएफ के साथ-साथ दो थानों के पुलिस ने भी मौका मुआयना किया है। हालांकि रेलवे पुलिस की ओर से कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है लेकिन बस्सी थानाधिकारी ने कहा कि रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। बस्सी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात करीब साढ़े 3 बजे यह घटना हुई और थाने पर सूचना मिली कि रेलवे ट्रेक पर हादसा हुआ है। टीम ने मौके पर जाकर देखा तो सामने आया कि चित्तौड़गढ़-कोटा रेल मार्ग पर पुरानी पटरी का टुकड़ा डालकर ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश की। बताया जाता है कि तोरणियां व सुवावा गांव के मध्य आरोई नदी की पुलिया के समीप पुरानी पटरी का हिस्सा रखा हुआ था।

इंजन से टकराया लोहे का टुकड़ा
चित्तौड़गढ़ से कोटा जाने वाली मालगाड़ी साढ़े तीन बजे यहां से गुजरी तो लोहे का टुकड़ा इंजन से टकराकर दूर जा गिरा। चालक को पता चलने पर उसने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी। बताया जाता है कि यह स्थान कोटा रेलवे के तहत आता है लेकिन चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय नजदीक है। ऐसे में चित्तौड़गढ़ और कोटा के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मालगाड़ी में कोई नुकसान नहीं होने पर उसे कोटा रवाना कर दिया। वहीं अधिकारियों ने रेलवे ट्रेक की जांच की। पटरी को नुकसान नहीं होने से रेल यातायात बाधित नहीं हुआ। इधर बस्सी थानाधिकारी चम्पाराम ने बताया कि उन्होंने स्वयं पुलिया पर मौका मुआयना किया और रेलवे ट्रेक पर डाला गया पटरी का टुकड़ा भी मौके पर ही मिला। शिकायत दर्ज होने पर मामले पर कार्यवाही की जाएगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / अखिल
