कोलकाता, 04 अप्रैल (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को पत्र लिखकर कोलकाता पुलिस के तीन अधिकारियों को हटाने की मांग की। पार्टी ने इन अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण आचरण और निष्पक्षता से समझौता करने का आरोप लगाया है।

भाजपा ने जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है, उनमें कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास, थाना प्रभारी बिजितस्वा राउत तथा उपनिरीक्षक राहुल अमीन अली शाह शामिल हैं।
पार्टी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इन अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण समिति के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने की अपील की थी। इस संबंध में एक वीडियो भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को सौंपा गया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ नौ मार्च को भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के समक्ष भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान शांतनु सिन्हा बिस्वास का स्थानांतरण कूचबिहार में चुनाव संपन्न होने के बाद किया गया था, ताकि वे ऐसे किसी क्षेत्र में तैनात न रहें जहां मतदान शेष हो।
पार्टी ने अपने पत्र में कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का तटस्थ और निष्पक्ष रहना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस ने भी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पदाधिकारी को तत्काल हटाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि उक्त अधिकारी की निकटता भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से है।
तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए अपने ज्ञापन में भवानीपुर सीट के निर्वाचन पदाधिकारी सुरजीत राय की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
