कोलकाता, 23 फरवरी (हि. स.)। सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेन में पुलिसकर्मी बनकर चोरी करने वाले एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के अनुसार, आरोपित लंबे समय से पुलिस की वर्दी पहनकर यात्रियों के बैग व सामान की तलाशी लेने के नाम पर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

जीआरपी के मुताबिक, आरोपित ने एक डॉक्टर का बैग चोरी कर लिया था, जिसमें एमबीबीएस प्रमाणपत्र समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। इसी घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए रविवार को संजय ब्यापारी को गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से हुगली जिले के चिनौराह का निवासी है और उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी इलाके में रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि आरोपित ट्रेनों में अलग-अलग भेष बदलकर चोरी करता था। कभी कुली तो कभी फेरीवाले के रूप में और अधिकतर पुलिसकर्मी बनकर यात्रियों के बैग से मोबाइल फोन और कीमती सामान चोरी कर लेता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में संजय खाकी कपड़े पहनकर खुद को रेलवे पुलिस कांस्टेबल बताकर सियालदह जाने वाली बलिया एक्सप्रेस में सवार हुआ। शिकायतकर्ता डॉक्टर हुगली जिले के बंडेल स्टेशन से कोलकाता जा रहे थे। उनके बैग में 600 रुपये नकद के अलावा एमबीबीएस प्रमाणपत्र और कार्य पहचान पत्र सहित कई जरूरी दस्तावेज थे।
डॉक्टर ने ट्रेन में चढ़ते ही बैग को बर्थ पर रख दिया। इसी दौरान बंडेल से आरोपित भी ट्रेन में चढ़ा और पुलिसकर्मी होने का दिखावा करते हुए यात्रियों के बैग पर नजर रखने लगा। वर्दी पहने होने के कारण किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। मौके का फायदा उठाकर आरोपित डॉक्टर का बैग लेकर नैहाटी स्टेशन पर उतर गया। सियालदह पहुंचने से पहले डॉक्टर को बैग गायब होने का पता चला।
सहयात्रियों ने बताया कि कथित ‘पुलिसकर्मी’ बैग लेकर नैहाटी स्टेशन पर उतर गया था। इसके बाद डॉक्टर ने सियालदह जीआरपी में जीरो एफआईआर दर्ज कराई, जिसे नैहाटी जीआरपी को भेजा गया। पुलिस ने नैहाटी स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपित पुलिस वर्दी में बैग लेकर बाहर निकलते दिखाई दिया।
जीआरपी अधिकारी ने बताया कि फुटेज के आधार पर नैहाटी के विभिन्न इलाकों में तलाश अभियान चलाया गया और अंततः आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने इस तरह की वारदात कितनी बार अंजाम दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
