कानपुर, 06 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित जन भवन (पूर्व में राजभवन) परिसर में आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में सक्रिय भागीदारी की। प्रदर्शनी के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यूपीएमआरसी के स्टॉल का अवलोकन कर विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी ली।

इस वर्ष प्रदर्शनी में कानपुर मेट्रो समेत यूपी मेट्रो की विभिन्न परियोजनाओं के हरित प्रयासों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। पुष्पों से निर्मित भगवान गरुड़ की आकृति, यूपीएमआरसी का लोगो और अन्य पुष्प आकृतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं और सेल्फी प्वाइंट बनीं। राज्यपाल ने गरुड़ आकृति की रचनात्मक प्रस्तुति की सराहना की। यूपीएमआरसी को पुष्प सज्जा और हॉर्टीकल्चर डिजाइन के लिए विभिन्न पुरस्कारों हेतु नामांकित किया गया है।
स्टॉल में कानपुर मेट्रो परियोजना की विशेषताओं के साथ कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता) की जानकारी भी दी जा रही है। हाल ही में चार फरवरी को इस सेक्शन के अप-लाइन पर मेट्रो ट्रेन का टेस्ट रन शुरू किया गया है। स्टॉल में प्रदर्शित सोवेनियर आइटम्स और कानपुर मेट्रो टॉय ट्रेन लोगों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
कानपुर मेट्रो परियोजना के अंतर्गत कई पर्यावरण अनुकूल प्रयास भी प्रदर्शित किए गए। मेट्रो डिपो में एक मेगावाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 10.80 लाख यूनिट बिजली की बचत हो रही है। एलिवेटेड स्टेशनों पर ट्रांसलूसेंट शीट लगाई गई हैं, जिससे दिन में प्राकृतिक रोशनी मिलती है और ऊर्जा की बचत होती है।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए मेट्रो ट्रेनों और लिफ्टों में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग, वेरिएबल वोल्टेज ड्राइव, कार्बन डाईऑक्साइड सेंसर आधारित एचवीएसी प्रणाली और एलईडी लाइट्स का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों के लिए कानपुर मेट्रो को वर्ष 2025 में ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया। इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल ने कॉरिडोर-1 के 16 स्टेशनों को प्लेटिनम रेटिंग प्रदान की है। यूपीएमआरसी ने परियोजना के तहत लगभग 35 हजार वर्ग मीटर हरित क्षेत्र भी विकसित किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
