मीरजापुर, 10 फ़रवरी (हि.स.)। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 को लेकर मंगलवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश शीतल वर्मा ने मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश के साथ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। पहले चरण में 22 मई से 20 जून तक मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य होगा, जबकि दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना कराई जाएगी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और पहली बार नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा भी दी जाएगी, जिसके तहत 7 से 21 मई तक लोग ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे।

जनगणना के दौरान भवनों के उपयोग, निर्माण सामग्री, शौचालय, बिजली, ईंधन और इंटरनेट जैसी कुल 33 प्रकार की जानकारियां डिजिटल रूप से एकत्र की जाएंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना से जुड़ी सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रहेंगी।
बैठक में मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही के जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी त्रुटि के पूरा किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
