गुवाहाटी, 10 मार्च (हि.स.)। असम के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेन सिंह इंग्ती का मंगलवार सुबह 7:45 बजे गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन को असम के पहाड़ी जिलों के आदिवासी समुदायों और राज्य की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।

बीरेन सिंह इंग्ती का जन्म 02 मार्च 1945 को कार्बी आंगलोंग में हुआ था। वे लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और लोकसभा में स्वायत्त जिला (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र का सात बार प्रतिनिधित्व किया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने आदिवासी समुदायों, विशेषकर असम के पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोगों के सामाजिक और राजनीतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
उनके निधन पर असम के कैबिनेट मंत्री डॉ. रानोज पेगु ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कार्बी आंगलोंग के अनुभवी राजनीतिक नेता बीरेन सिंह इंग्ती के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा और लोगों के कल्याण के लिए समर्पित किया, विशेषकर असम के पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए।”
डॉ. पेगु ने इंग्ती के परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
राजनीतिक नेताओं और उनके सहयोगियों ने भी इंग्ती के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका अनुभव, मार्गदर्शन और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व और विचारों ने आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों को प्रेरित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
