आसनसोल, 07 अप्रैल (हि. स.)। आसनसोल के रविंद्र भवन में मंगलवार को प्रथम चरण में अनुपस्थित रहे पोलिंग पर्सनल के लिए मॉक ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य उन कर्मियों को दोबारा प्रशिक्षित करना था, जो पहले चरण के प्रशिक्षण में किसी कारणवश शामिल नहीं हो सके थे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रशिक्षण टीम के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में पोलिंग पर्सनल के लिए पहले चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। हालांकि, कुछ कर्मियों की अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुनः प्रशिक्षण देने के लिए यह विशेष सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी पोलिंग कर्मियों का प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों को मतदान प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी जानकारी विस्तार से दी गई।
उन्हें बताया गया कि 22 अप्रैल को पहले चरण से संबंधित तैयारियों से लेकर 23 अप्रैल को मतदान समाप्ति तक किन-किन जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। इस दौरान मतदान केंद्र की स्थापना, सामग्री का प्रबंधन, मतदाताओं की पहचान, कतार व्यवस्था और मतदान की गोपनीयता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षण में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट के उपयोग को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि कर्मियों को मशीनों के संचालन, संभावित तकनीकी समस्याओं के समाधान और मतदान के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के तरीकों से अवगत कराया गया। अधिकारी ने बताया कि 23 अप्रैल को मतदान के दिन सुबह सात बजे से पहले मॉक पोल यानी परीक्षण मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद निर्धारित समय पर वास्तविक मतदान शुरू होगा। इस दौरान पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति, उनकी भूमिका, मतदान की निगरानी और मतदान समाप्ति के बाद की प्रक्रियाओं के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पोलिंग कर्मी पूरी तरह से तैयार रहें और मतदान के दिन किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, मतदाताओं को भी एक सुगम और पारदर्शी मतदान अनुभव मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा
