नई दिल्ली, 22 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप का जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका, कनाडा और ओमान जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे भारतीय मूल के क्रिकेटरों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, अपनी मातृभूमि की जड़ों से जुड़े रहते हैं। अपनी कर्मभूमि यानि जिस देश में रहते हैं, उसके विकास में भी सहयोग करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजकल आप लोग टी-20 विश्व कप के मैच देख रहे होंगे। मुझे विश्वास है कि मैच देखते हुए कई बार आंखें किसी खास खिलाड़ी पर टिक जाती होंगी। जर्सी किसी और देश की होती है, लेकिन नाम सुनकर लगता है कि अरे, ये तो अपने देश का है। तब दिल के किसी कोने में एक हल्की सी खुशी आती है, क्योंकि वो खिलाड़ी भारतीय मूल का होता है और वो उस देश के लिये खेल रहा होता है, जहां उसका परिवार बस गया है। वे अपने-अपने देशों की जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं और पूरे मन से उस देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडा की टीम में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं। टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। नवनीत धालीवाल चंडीगढ़ के हैं। इस सूची में हर्ष ठाकर, श्रेयस मोवा जैसे कई नाम हैं, जो कनाडा के साथ-साथ भारत का भी गौरव बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अमेरिका की टीम में भी कई चेहरे भारत के घरेलू क्रिकेट से निकले हुए हैं। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर 16 और अंडर-18 टीम के लिये भी खेल चुके हैं। मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह, दिल्ली के मिलिंद कुमार, ये सब अमेरिकी टीम की शान हैं।
इसी तरह ओमान की टीम में आज कई चेहरे हैं जो पहले भारत के अलग-अलग राज्यों में खेल चुके हैं। जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करन, जय, आशीष जैसे खिलाड़ी ओमान क्रिकेट की मजबूत कड़ी हैं। न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी जगह बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे कितने ही भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं जो अपने देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। वहां के युवाओं के लिये प्रेरणा बन रहे हैं। भारतीयता की यही तो विशेषता है।
आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 की बात करें, तो अमेरिका, कनाडा और ओमान की टीमें सुपर 8 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। हालांकि, उन्होंने शीर्ष वैश्विक टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। अमेरिका ने अपने चार ग्रुप स्टेज मैचों में से दो में जीत दर्ज की। कनाडा और ओमान अपना खाता भी नहीं खोल पाए और अपने सभी चार मैच हार गए। इटली और यूएई की बात करें, तो उन्होंने एक मैच में जीत दर्ज की।—————
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह
