प्रयागराज, 07 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था प्रयाग संगीत समिति अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर विभिन्न सांगीतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है। इसी क्रम में संस्था का 86वां दीक्षांत समारोह 10 मार्च को आयोजित किया जाएगा।

संस्था के अध्यक्ष अजय कुमार और पदाधिकारी अरुण कुमार ने शनिवार को बताया कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 12 मार्च से 20 मार्च तक 63वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को 21 मार्च को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इसके बाद 23 मार्च से 26 मार्च तक 58वें अखिल भारतीय संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
उन्होंने बताया कि 23 मार्च को दिल्ली के शहनाई वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना, बेंगलुरु के गायन कलाकार पंडित कैवल्य कुमार और वाराणसी के कथक कलाकार पंडित रुद्र शंकर मिश्रा प्रस्तुति देंगे। इसी क्रम में 24 मार्च को दिल्ली के वायलिन वादक पंडित संतोष नाहर, मुंबई के बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार, कोलकाता के संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य तथा दिल्ली की कथक कलाकार सुश्री नलिनी और कमलिनी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।25 मार्च को सोहिनी घोष, पंडित विशाल कृष्ण और विदुषी प्रीती श्रीवास्तव प्रस्तुति देंगी। वहीं 26 मार्च को कोलकाता की गायन कलाकार विदुषी अंजना नाथ, दिल्ली के बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी, कोलकाता की कथक कलाकार सुश्री मधुमिता राय मिश्रा और मुंबई के सुगम संगीत गायक पंडित अनूप जलोटा अपनी प्रस्तुति देंगे।संस्था की पदाधिकारी उमा दीक्षित ने बताया कि वर्ष 1926 में एक झोपड़ी से शुरू हुई प्रयाग संगीत समिति आज भारतीय शास्त्रीय संगीत के उन्नयन और संवर्धन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है और देश-विदेश में इसकी विशिष्ट पहचान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
