मंडी, 24 मार्च (हि.स.)। मंडी में जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता करते हुए एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग मंडी द्वारा कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) परियोजना के माध्यम से आयोजित इस मेले में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।

संजीव गुलेरिया ने कहा कि इस तरह के मेलों का आयोजन जिला के सभी विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत इस बार के बजट में गाय के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपए प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपए प्रति लीटर किया गया है। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक खेती से उगाए अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति किलोग्राम तथा हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए प्रति किलोग्राम किया गया है। वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपए और मक्की का 50 रुपए किया गया है, जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस वर्ष के बजट का फोकस ग्रामीण उत्थान, किसानों, महिलाओं और युवाओं के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि जिले में कृषि का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। खेतों तक सीमित रहने वाली उपज अब बाजार में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। स्पष्ट है कि अब केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव ही किसानों की आय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बनता जा रहा है।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग तथा डायरेक्ट मार्केटिंग को अपनाएं। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि एपीएमसी किसानों के उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
