हरिद्वार, 26 मार्च (हि.स.)। जनपद में फर्जी और पेशेवर जमानतियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के कथित सरगना व मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी गैंग के तीन अन्य सदस्यों को पुलिस जेल भेज चुकी है।

पुलिस के अनुसार सीजेएम कोर्ट रोशनाबाद में जमानतियों द्वारा न्यायालय को गुमराह कर झूठा शपथपत्र प्रस्तुत करने और पेशेवर जमानती होने के मामले में 23 मार्चको थाना सिडकुल में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। न्यायालय के आदेश पर इस मामले में कमलेश, उज्ज्वल और नरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
मामले की आगे की जांच के दौरान पुलिस ने फर्जी जमानत दिलाने वाले गैंग की कुंडली खंगालते हुए 26 मार्च को गैंग के कथित सरगना सरफराज और उसके साथी सतीश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सरफराज के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और पहले जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
विवेचना में सामने आया कि गैंग का मास्टरमाइंड सरफराज दस्तावेजों में हेरफेर कर जमानत दिलाने का खेल खेलता था। उसने सतीश के साथ मिलकर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय कोर्ट में प्रचलित मुकदमे शैलेंद्र बनाम साक्षी में श्रीमती साक्षी तिवारी की जमानत कराई थी।
जांच में पता चला कि जमानत में लगाए गए जमीन के कागजात वास्तव में सतीश नाम के ही किसी अन्य व्यक्ति के थे। आरोपियों ने झूठे साक्ष्य, कथन और शपथपत्र के माध्यम से न्यायालय को गुमराह कर जमानत प्राप्त की। हैरानी की बात यह रही कि जमीन के असली मालिक को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उसकी जमीन की फर्द का उपयोग जमानत के लिए किया गया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है।
गिरफ्तार आरोपितों के नाम पते सरफराज पुत्र उमरदराज, निवासी मोहल्ला चौहानान, कोतवाली ज्वालापुर
सतीश पुत्र यशपाल, निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना पथरी बताए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
