फर्रुखाबाद, 6 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के सख्त निर्देश के बाद सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित चुकी रामा देवी आज जिंदा हो गयी। जिंदा होने के बाद अब रामादेवी को पुनः पेंशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है ।

ब्लाक बढ़पुर के ग्राम कीरतपुर निवासी 75 वर्षीय रामा देवी पत्नी स्वर्गीय प्रेमसागर बाथम को निराश्रित विधवा पेंशन मिलती थी। लेकिन तत्कालीन सचिव अंजलि श्रीवास्तव की रिपोर्ट के आधार पर सरकारी अभिलेखों में जीवित होने के बाद भी मृत दर्ज़ हो जाने से पेंशन मिलनी बंद हो गयी थी। पेंशन न मिलने से परेशान रामादेवी आज वरिष्ठ अधिवक्ता व समाजसेवी अशोक कटियार के साथ जिलाधिकारी से मिली। जिलाधिकारी ने प्रोबेशन अधिकारी को फोन पर निर्देश दिए,जिस पर प्रोवेशन अधिकारी ने आज रामादेवी के जीवित होने की आख्या निदेशक समाज कल्याण को भेज दी है, अशोक कटियार ने कहा की पदीय कर्तव्य का पालन न करने और जीवित होने के बाद भी मृत दिखा कर सरकारी योजनाओं से गरीबों को वंचित करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि इस मामले में विभागीय जांच कराई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar
