-सीडीओ ने दवा खाकर किया राष्ट्रीय फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम का शुभारंभ

चित्रकूट, 10 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डीपी पाल ने फाइलेरिया की दवा खाकर किया। इस मौके पर सीडीओ ने कहा कि फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। दवा का सेवन करके ही इस जानलेवा बीमारी से बचाव किया जा सकता है। फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूरी है।

सीडीओ ने मंगलवार को विकास भवन में कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सभी जनपद वासियों से स्वास्थ्य विभाग की गठित टीमों द्वारा गांव-गांव और घर-घर जाकर खिलाई जा रही दवा का सेवन कर अपने आप को और परिवार को फाइलेरिया से प्रतिरक्षित करने की अपील की। सीडीओ ने कहा कि भारत को फाइलेरिया जैसी जानलेवा घातक बीमारी से बचाने के लिए सरकार 10 फरवरी से राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चला रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने कहा कि देश को फाइलेरिया मुक्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 10 फरवरी से 28 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा और आंगनबाड़ी की 680 से अधिक टीमें और 129 सुपरवाइजरों द्वारा 7 लाख 80 हजार से अधिक आबादी को फाइलेरिया की दवा खिलाएगी। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बीमारी से बचाव का एकमात्र विकल्प है। प्रत्येक व्यक्ति दवा का सेवन करे, और दूसरों को भी प्रेरित करे।
इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी आर रतमेले, जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहब सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी आर के सिंह, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक रोहित व्यास, मलेरिया निरीक्षक ज्योति सिंह व प्रगति चंदेल आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल
