जम्मू, 12 मार्च (हि.स.)। जम्मू में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डीडीसी सुचेतगढ़ तरनजीत सिंह टोनी ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर कथित हमले की कोशिश को गंभीर सुरक्षा चूक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना मौजूदा सुरक्षा नीति की खामियों और राजनीतिक पक्षपात को उजागर करती है तथा प्रशासन के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। टोनी ने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि देश की सबसे उच्च श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल ज़ेड प्लस सुरक्षा के बावजूद किसी व्यक्ति का पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब पहुंच जाना सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था का राजनीतिकरण हो गया है जहां सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेताओं को अधिक सुरक्षा दी जा रही है जबकि विपक्षी नेताओं को संभावित खतरों के बीच पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही। टोनी ने कहा कि आज छोटे-छोटे भाजपा पदाधिकारी भी कई सुरक्षाकर्मियों के साथ चलते नजर आते हैं जबकि विपक्ष के वे नेता जो जनता के मुद्दे उठाते हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल करते हैं, उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का आधार राजनीतिक निष्ठा नहीं बल्कि खतरे का आकलन होना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए और सुरक्षा में हुई चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा नीति की तत्काल समीक्षा कर सभी राजनीतिक नेताओं के लिए समान मानदंड लागू करने की मांग की। टोनी ने कहा कि यदि वरिष्ठ राजनीतिक नेता ही सुरक्षित नहीं हैं तो यह आम लोगों के लिए भी चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से अपील की कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा
