कोलकाता, 03 अप्रैल (हि. स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में सैकड़ों-करोड़ रुपये के नगर निकाय नौकरी घोटाले के सिलसिले में राज्य मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों को पूछताछ के लिए तलब किया है।

जिन मंत्रियों को समन जारी किया गया है उनमें अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथीन घोष शामिल हैं। दोनों ही तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुजीत बोस को छह अप्रैल को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है, जबकि रथीन घोष को नौ अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया गया है।
इससे पहले रथीन घोष से इस मामले में जनवरी 2024 में पूछताछ की गई थी। वहीं, सुजीत बोस से अक्टूबर 2025 में केंद्रीय एजेंसी ने पूछताछ की थी। उस समय ईडी अधिकारियों ने बोस के कार्यालयों और आवासों पर लंबी छापेमारी और तलाशी अभियान भी चलाया था। बोस के कुछ करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई थी।
ईडी को इस नगर निकाय नौकरी घोटाले की जानकारी पहले उस समय मिली थी जब एजेंसी पश्चिम बंगाल के स्कूल नौकरी घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयन शील के आवास पर छापेमारी कर रही थी।
बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भी इस मामले में समानांतर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के साथ कई प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों, जिनमें राज्य के मंत्री और सत्तारूढ़ दल के नेता शामिल हैं, के नाम सामने आए।
इसी सप्ताह ईडी ने पश्चिम बंगाल में अवैध जमीन कब्जा मामले में तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक तथा कोलकाता नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य से भी पूछताछ की थी। संबंधित विधायक भी अपने क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने ईडी की इस कार्रवाई को राज्य में इसी महीने होने वाले महत्वपूर्ण दो चरणों के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेताओं और उम्मीदवारों को निशाना बनाने की साजिश बताया है।
राज्य में दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को शेष 42 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतगणना चार मई को होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
