बडगाम, 10 फरवरी(हि.स.)। बडगाम जिला प्रशासन ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से आज बुडगाम के इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप आयुक्त ब(डगाम डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट ने अपने व्यापक भाषण में मादक द्रव्यों के सेवन के व्यक्तियों, परिवारों और समाज पर पड़ने वाले गंभीर शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक परिणामों पर प्रकाश डाला।

डीसी ने इस बात पर जोर दिया कि मादक द्रव्यों की लत न केवल व्यक्तिगत जीवन को नष्ट करती है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करती है, जिससे समुदाय के समग्र विकास और कल्याण के लिए एक गंभीर चुनौती उत्पन्न होती है।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या का समाधान केवल प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा नहीं किया जा सकता है और इसके लिए एक समग्र और सामूहिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
डीसी ने इस बात पर जोर दिया कि नशाखोरी की प्रभावी रोकथाम और उससे निपटने के लिए माता-पिता, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, समुदाय और धार्मिक नेताओं, नागरिक समाज संगठनों, स्वास्थ्य पेशेवरों और युवा समूहों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
डीसी ने आगे कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रारंभिक जागरूकता, समय पर हस्तक्षेप, परामर्श और पुनर्वास महत्वपूर्ण घटक हैं। उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने, नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा जैसे रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों में लगाने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया कि नशामुक्त युवा एक मजबूत, प्रगतिशील और समृद्ध समाज की नींव हैं।
डीसी ने नशामुक्ति और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने और प्रभावित व्यक्तियों को समाज में पुनः एकीकृत करने के लिए उचित चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता प्रदान करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान, चिकित्सा पेशेवर डॉ. शाहिद और विषय विशेषज्ञ डीएसडब्ल्यूओ बडगाम द्वारा कई विशेषज्ञ वार्ताएं दी गईं, जिनमें प्रतिभागियों को नशाखोरी के स्वास्थ्य संबंधी खतरों, नशे की लत के संकेतों और लक्षणों और उपलब्ध उपचार और परामर्श तंत्रों के बारे में जागरूक किया गया।
मादक पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों पर एक लघु जागरूकता फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और एक नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने मादक पदार्थों की लत के खिलाफ प्रभावी और सशक्त संदेश को आकर्षक ढंग से संप्रेषित किया।
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शपथ ग्रहण समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें बुडगाम के डीसी ने प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई और प्रतिभागियों ने नशामुक्त रहने और अपने-अपने समुदायों में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान यह दोहराया गया कि बडगाम जिला प्रशासन जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए जागरूकता अभियानों को तेज करने, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने और रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के लिए सहायता प्रणालियों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद नशामुक्त समाज को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए प्रतिभागियों और योगदानकर्ताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों और हितधारकों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिनमें आईसीडीएस के कार्यक्रम अधिकारी समर नाइक भी शामिल थे। बडगाम के संयुक्त योजना निदेशक, जावेद अहमद नजार; मुख्य शिक्षा अधिकारी, बुडगाम; जिला सूचना अधिकारी, बुडगाम; जिला समाज कल्याण अधिकारी, बुडगाम; मुख्य बागवानी अधिकारी, बडगाम; उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बडगाम; नशामुक्ति केंद्र, बडगाम के प्रतिनिधि; एटीएफ के डॉक्टर; इनके अलावा युवा, छात्र, नागरिक समाज के सदस्य और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता
