नैनीताल, 17 मार्च (हि.स.)। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि पर मौजूद अतिक्रमण के प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के ताजा निर्देशों के बाद शासन व प्रशासन स्तर पर बैठकों का दौर तेज हो गया है। इस संबंध में नैनीताल जनपद के दो दिवसीय भ्रमण पर आये प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्धन भी शीघ्र नैनीताल प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक कर सकते हैं।

नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिला प्रशासन ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय कर शिविर स्थलों का चयन कर लिया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 19 मार्च के बाद शिविर आयोजित कर प्रभावित परिवारों की पात्रता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा सके। ईद के पश्चात इस कार्य में और तेजी लाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि हल्द्वानी में प्रशासन, रेलवे व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जा चुकी है। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ निर्धारित समयसीमा में दायित्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि केवल पात्र व्यक्ति ही शिविरों में आवेदन करें। आवेदन पत्रों की सूक्ष्म जांच की जाएगी तथा भ्रामक सूचना देने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच में भूमि अभिलेख, आधार, परिवार रजिस्टर सहित पूर्व सर्वे के अभिलेखों को सम्मिलित किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर संवेदनशील गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि विधिक प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।
इधर सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस प्रकरण में उच्चस्तरीय बैठक कर सकते हैं। शासन स्तर पर इसे महत्वपूर्ण विषय मानते हुए त्वरित व समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी
