बलरामपुर, 18 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जुड़ी हितग्राहियों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है। ओटीपित फ्रॉड और बैंक खातों से अवैध निकासी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाती है और इसके लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की जरूरत नहीं होती। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मांगता है तो यह धोखाधड़ी का प्रयास हो सकता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हितग्राहियों को जागरूक करें और ग्राम स्तर पर बैठकों के माध्यम से साइबर सुरक्षा की जानकारी दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है।
हितग्राहियों को सलाह दी गई है कि वे बैंक खाते की जानकारी केवल अधिकृत बैंक कर्मियों के साथ ही साझा करें और अपने मोबाइल नंबर को बैंक खाते व आधार से लिंक रखें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत बैंक या पुलिस को दें तथा बैंक से मिलने वाले एसएमएस अलर्ट पर नजर बनाए रखें।
साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी को भी ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक विवरण साझा न करें और अनजान कॉल, व्हाट्सएप लिंक या फर्जी अधिकारियों के झांसे में न आएं। योजना में नाम जोड़ने या पैसा दिलाने के नाम पर किसी को पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध ऐप या लिंक को डाउनलोड करने से बचें।
किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए हितग्राही नजदीकी बैंक शाखा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
