जगदलपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2026 के अंतर्गत हिन्दी की परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

उल्लेखनीय है कि 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा बारहवीं कक्षा के लिए हिन्दी की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसी कड़ी में कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला कार्यालय के प्रेरणा हॉल में आज शनिवार काे आयोजित एक विशेष कार्यशाला में डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा और जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने परीक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
इस प्रशिक्षण सत्र में न केवल परीक्षा के सामान्य संचालन, बल्कि परिवहन और थाने में सुरक्षा के कड़े मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए नियुक्त परिवहन अधिकारियों को उनके विशेष दायित्वों के प्रति सजग किया गया। निर्देशानुसार सभी परिवहन अधिकारियों को अपने निर्धारित रूट के थानों से भली-भांति अवगत रहना होगा और समन्वय केंद्र से रूट चार्ट के अनुसार केंद्राध्यक्षों व सील्ड पेटियों के साथ थानों तक पहुंचकर सामग्री जमा कराने की जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके साथ ही उन्हें संबंधित थाना प्रभारियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने, आवश्यक प्रपत्र सौंपने और केंद्राध्यक्षों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य पूर्ण होने के पश्चात नोडल अधिकारी को अनिवार्य रूप से रिपोर्टिंग करनी होगी। वहीं प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए थाने में नियुक्त पर्यवेक्षक अधिकारियों की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि पर्यवेक्षण अधिकारी केंद्राध्यक्षों के थाने पहुंचने से पूर्व अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उनकी देख-रेख में ही केंद्राध्यक्षों द्वारा प्रश्नपत्रों के पैकेट निकाले जाएंगे। इस दौरान सुरक्षा के लिए उपयोग होने वाले ‘वन टाइम लॉक’ के यूनिक नंबर का मिलान करना अनिवार्य होगा। साथ ही समय-सारिणी से मिलान कर यह पुष्टि की जाएगी कि सही विषय के ही पैकेट निकाले जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि की गुंजाइश न रहे। जिले के 91 परीक्षा केंद्रों के लिए आयोजित इस सघन प्रशिक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा 2026 के सफल संपादन हेतु प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। मानक संचालन प्रक्रिया के कड़ाई से पालन के साथ ही अधिकारियों को यह विश्वास दिलाया गया है कि एक सुव्यवस्थित तंत्र ही छात्र हित में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे
