पुष्कर तीर्थराज में बोले शास्त्री, दरगाह में जियारत कर चादर चढ़ाने वाले हिन्दू पुष्कर जाकर पूर्वजों का पिंडदान भी करें

-पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व वर्तमान उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने लिया आशीर्वाद

-24 फरवरी को प्रात: 11 बजे से पुष्कर तीर्थ में लगेगा दिव्य दरबारअजमेर, 23 फरवरी(हि.स.)। हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थल राजस्थान के पुष्कर में तीन दिवसीय हनुमंत कथा करने के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवा पीढ़ी की बहन बेटियों और बहुओं को कहा कि वे अपने प्रांत और देश की भावी अफसर बनें लेकिन इंस्टाग्राम पर नाचने वाली नहीं बनें। उन्होंने कहा कि जिसने भी इंस्टाग्राम बनाया वह कमाल है। पहले बहू का चेहरा कोई नहीं देख सकता था, अब उसे इंस्टाग्राम पर नाचते हुए देख सकता है।
पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 22 फरवरी को पुष्कर पहुंचते ही सनातनियों को बड़ी सीख देते हुए कहा था कि जियारत कर चादर चढ़ाते हैं तो पुष्कर पहुंचकर अपने पूर्वजों का पिंडदान भी कर लें, उनका बेड़ा पार हो जाएगा।
शास्त्री ने अपने वक्तव्य में अजमेर दरगाह का नाम तो नहीं लिया किन्तु सनातन धर्म के मानने वालों को सीख दी कि वे अपने पूर्वजों को याद कर पुष्कर राज सरोवर में पिंडदान तर्पण करेंगे तो उनका जीवन सफल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पुष्कर बहुत ही भव्य, दिव्य और अद्भुत स्थल है, वे यहां पहुंच कर धन्य हो गए। उन्होंने पुष्कर तीर्थ को सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वे ब्रह्मा की नगरी पुष्कर में हनुमंत कथा करने आए है। पुष्कर का महत्व बताते हुए कहा कि ब्रह्माजी के सतयुगी देवस्थान तीर्थ में 52 कुंडों के साथ साथ 52 शक्तिपीठों में से एक भगवती मां चामुंडा भी पुष्कर में विराजमान है। पुष्कर सरोवर में पिंडदान करने का विशेष धार्मिक महत्व है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमंत कथा पुष्कर के नए मेला मैदान में 23 फरवरी से शुरू हो गई। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पुष्कर पहुंच कर शास्त्री का आशीर्वाद लिया। उनका 24 फरवरी को प्रातः: 11 बजे से कथा स्थल पर दिव्य दरबार लगेगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर से आशीर्वाद लेने के लिए नेताओं के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने पुष्कर आकर शास्त्री का आशीर्वाद लिया। भले ही शास्त्री उम्र में राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह से भी छोटे हो, लेकिन शास्त्री को धर्मगुरु का दर्जा देते हुए राजे उनके सामने जमीन पर ही बैठे। केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, राज्य के केबिनेट मंत्री सुरेश रावत, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओम प्रकाश भडाणा, विधानसभा में मुख्य सचेतक जोगेश्वर आदि ने भी पुष्कर पहुंचकर शास्त्री से आशीर्वाद लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष
