बांदा, 07 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के

बांदा जिले में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 26 से 28 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला (आरएएफ-2026) का आयोजन किया जाएगा। यह मेला कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। मेले का उद्घाटन प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधियों एवं देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिकों की उपस्थिति में किया जाएगा।
यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह मेला 12 से 14 फरवरी 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन देश में चल रहे संसद सत्र एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के कारण तिथियों में परिवर्तन करते हुए अब इसे 26–28 फरवरी 2026 को आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले की सभी प्रस्तावित गतिविधियां एवं कार्यक्रम पूर्व निर्धारित रूपरेखा के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। कुलपति ने बुंदेलखंड परिक्षेत्र के सभी किसान भाइयों एवं आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में प्रतिभाग करें।
प्रो. राजू ने बताया कि इस मेले में उत्तर भारत के सात राज्यों – जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश से लगभग 10 से 15 हजार किसानों के भाग लेने की संभावना है।
विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार प्रो. एन.के. बाजपेयी ने बताया कि यह मेला किसानों, कृषि उद्यमियों एवं अन्य हितधारकों को नवीनतम कृषि तकनीकों को एक मंच पर जानने और साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। मेले में उन्नत किस्म के बीज, खाद, कृषि रसायन, कृषि यंत्र, मूल्य संवर्धित उत्पाद, पशु आहार सहित अन्य उपयोगी कृषि सामग्री विक्रय के लिए उपलब्ध रहेगी। साथ ही मिलेट्स से बने उत्पाद, विभिन्न खाद्य सामग्री तथा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए सजीव मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
मेले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के शोध संस्थानों द्वारा विकसित नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा गैर-शासकीय संस्थाओं, कृषि निवेशकों, उत्पादकों, विक्रेताओं एवं विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
बांदा के संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. एल.बी.एस. यादव ने क्षेत्र में कार्यरत सभी आदान निर्माताओं एवं विक्रेताओं को स्टॉल लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. धीरज मिश्रा ने बताया कि मेला ग्राउंड की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं तथा कृषि व्यवसाय से जुड़े विभिन्न हितधारकों को स्टॉल के लिए आमंत्रित किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह
