बेहतर इलाज के लिए भेजा गया मुकुंदपुर

उमरिया, 19 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में बाघों की मौत और घायल होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार सुबह एक बार फिर छह माह का बाघ शावक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मुकुंदपुर चिड़ियाघर भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे कोलुहावाह कैंप के श्रमिकों को जंगल से बाघों के लड़ने की तेज आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व योहन कटारा ने बताया कि के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने पेट्रोलिंग वाहन, पैदल गश्ती दल और दो हाथियों की मदद से क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान एक लगभग छह महीने का बाघ शावक घायल अवस्था में बैठा हुआ मिला, जबकि कुछ दूरी पर एक वयस्क बाघ भी दिखाई दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से रेस्क्यू की अनुमति ली गई। इसके बाद हाथियों की मदद से वयस्क बाघ को वहां से दूर खदेड़ा गया और घायल शावक को सुरक्षित किया गया। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर ने मौके पर ही शावक को बेहोश कर प्राथमिक उपचार दिया। जांच में सामने आया कि शावक के दोनों दाहिने पैरों में गंभीर चोटें हैं। इसके अलावा उसकी पीठ, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर कैनाइन दांतों से हमले के गहरे निशान पाए गए। शावक के अंडकोश भी क्षतिग्रस्त मिले हैं और शरीर में आंतरिक रक्तस्राव के संकेत भी मिले हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद घायल शावक को बेहतर इलाज के लिए मुकुंदपुर चिड़ियाघर भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जाएगा। वन विभाग की टीम घटना स्थल के आसपास लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी अन्य खतरे की स्थिति को रोका जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी
