पूर्वी सिंहभूम, 12 मार्च (हि.स.)।

शहर के साकची बाजार सहित विभिन्न सैरात बाजारों के दुकानदारों में दुकानों का किराया बढ़ाए जाने को लेकर एक बार फिर आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को बड़ी संख्या में दुकानदार सड़क पर उतर आए और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (अक्षेस) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दुकानदारों ने किराया बढ़ोतरी के फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
साकची सैरात बाजार के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध जताया और बाजार क्षेत्र में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल दुकानदारों का कहना था कि अक्षेस द्वारा बिना किसी पूर्व चर्चा या सहमति के दुकानों का किराया बढ़ा दिया गया है, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ जाएगा।
दुकानदार नेता जावेद अख्तर ने कहा कि बाजार के अधिकांश व्यापारी वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं और पहले भी किराया बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन करना पड़ा था। उस समय जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए दुकानदारों को राहत दी थी, जिसके बाद सभी व्यापारी शांतिपूर्वक अपना कारोबार कर रहे थे। लेकिन अब फिर से किराया बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन के बाद दुकानदारों का एक प्रतिनिधिमंडल जमशेदपुर अक्षेस कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से दुकानदारों ने किराया बढ़ोतरी के आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से यह भी कहा कि यदि किराया बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो शहर के सभी सैरात बाजारों के दुकानदार एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
दुकानदारों का कहना है कि पहले से ही बाजार में व्यापार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। ऑनलाइन व्यापार और बढ़ती लागत के कारण छोटे दुकानदारों को कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किराया बढ़ोतरी का फैसला उनके व्यवसाय के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें बाजार बंद, धरना-प्रदर्शन और बड़े स्तर पर विरोध कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। फिलहाल सभी दुकानदार प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
