कानपुर, 08 फरवरी (हि.स.)। मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के सम्मान, आजीविका और संवैधानिक अधिकारों की गारंटी है। महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से हटाना उनकी विचारधारा और गरीब समर्थक सोच पर सीधा हमला है, जिसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। यह बातें रविवार को कांग्रेस नगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कही।

मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज कानपुर महानगर कांग्रेस के तत्वावधान में लक्ष्मीपुरवा क्षेत्र में एक चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल की अगुवाई नगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने की। इस दौरान केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के फैसले का कड़ा विरोध किया गया। साथ ही मजदूरों के अधिकारों से लगातार किए जा रहे समझौतों की भी निंदा की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह तुरंत मजदूर विरोधी नीतियों को वापस ले और मनरेगा को कमजोर करने के बजाय इसे और अधिक मज़बूत करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए। साथ ही बापू का नाम पुनः मनरेगा में विधिवत रूप से दर्ज किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान हरप्रकाश अग्निहोत्री, आलोक मिश्रा, कॉर्डिनेटर आनंद प्रकाश वर्मा सुरेश बख्शी, राम दौर सविता रितेश यादव, सेमुअल लकी सिंह, मदन गोपाल राख़रा, वीरेंद्र चतुर्वेदी आदि लोग मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
