प्रयागराज, 12 अप्रैल (हि.स.)। बारी समाज का गौरवशाली इतिहास और स्वर्णिम अतीत रहा है,जो समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता और संगठन में निहित होती है। जब सभी समाज आपसी समन्वय और एकता के साथ आगे बढ़ेंगे,तभी एक सशक्त हिन्दू समाज की परिकल्पना साकार हो सकेगी।

यह बातें रविवार को कटरा स्थित राम वाटिका में वीर शिरोमणि रूपन बारी सेवा संस्थान की ओर से आयोजित बारी समाज के प्रांतीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने कही।
मंत्री नन्दी ने कहा कि बारी समाज का संबंध मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम से जुड़ा हुआ है, जो इसके गौरव को और बढ़ाता है।उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि बारी समाज के अनेक प्रतापी राजाओं ने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। भाषा,भोजन और रीति-रिवाजों की समानता समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, वहीं वैवाहिक संबंध इस एकता को और मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य एवं आयोजक सत्येंद्र वीनू,प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी,बारी समाज के महानगर अध्यक्ष रमाकांत रावत,पार्षद विजय विश्वास रावत,अखिल भारतीय बारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिलोकी प्रसाद बारी, भारतीय बारी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.के. रावत, जिलाध्यक्ष लल्लू कुमार ‘जानी’ बारी, कसेरा समाज की अध्यक्ष जान्हवी कसेरा तथा विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक कुमार बारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।—————
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
