आसनसोल, 09 फ़रवरी (हि. स.)।कोयला और बालू तस्करी तथा काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्ररिंग) के संदेह में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच और तेज़ कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दुर्गापुर के बुदबुद थाना के नवनियुक्त थाना प्रभारी मनोरंजन मंडल को तलब किया है और उन्हें कोलकाता स्थित ईडी कार्यालय (सीजीओ कॉम्प्लेक्स) में गहन पूछताछ के लिए बुलाया है।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वहीं से जारी बड़ी छापेमारी का हिस्सा है जो ईडी ने तीन फरवरी को मनोरंजन मंडल के आवास समेत शहर के लगभग 10-12 ठिकानों पर की थी। उस समय ठोस सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर तलाशी और छापेमारी की गई थी।
ईडी की तरफ से बताया गया है कि यह मामला अवैध कोयला और बालू खनन के सिंडिकेट से जुड़ा है, जिसमें तस्करी से कमाए गए फंड को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए, 2002) के तहत सफेद करने की कोशिश का आरोप है।
ईडी ने मनोरंजन मंडल के अलावा चिन्मय मंडल को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी का मानना है कि इन खातों और ट्रांज़ैक्शनों से जुड़े वित्तीय रूट, दस्तावेज़ और लोग बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिनसे अवैध गतिविधियों का नेटवर्क पता लगाया जा सकता है।
ईडी की टीम ने उसी दिन जामुड़िया के व्यवसायी बंसल के ठिकानों के साथ सेपको टाउनशिप में बालू व्यापारी प्रबीर दत्ता और उनके भाई अमित दत्ता के घर तलाशी सहित नवग्राम स्थित शेख मैजुल के ठिकानों पर भी कार्रवाई की थी।
इस कार्रवाई से ना सिर्फ कोयला-बालू तस्करी के कारोबार पर सख़्ती का संदेश गया है, बल्कि पुलिस-प्रशासन और व्यवसायी गठजोड़ की जांच को भी तेज़ किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच पूरी पारदर्शी और निष्पक्ष रही, तो अवैध कारोबार और काले धन के सिंडिकेट को बड़ा झटका लग सकता है, जिससे जनहित के काम पर असर पड़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा
