धर्मशाला, 13 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर जमीन के बेनामी सौदों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सरंक्षण में बेनामी सौदे हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में बेनामी संपत्तियों की जांच की मांग उठाई है।

सोमवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता में भाजपा नेता राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि इन बेनामी संपत्तियों के तार दिल्ली और दुबई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मित्रों की संपत्तियों की भी जांच करवाई जानी चाहिए। इस दौरान राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर लैंड डील को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
राजेन्द्र राणा ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में तबादला माफिया, भू माफिया और वन माफिया सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय लैंड डील का अड्डा बन गया है। बेनामी सौदे सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने मित्रों को खुश करने में जुटी प्रदेश सरकार पशु मित्र, वन मित्र, बिजली मित्र और अब आपदा मित्रों की भर्ती कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार ने हिमाचल ऑन सेल कर दिया है। हिमाचल को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएग।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार को 41 हजार करोड़ के लगभग आर्थिक सहायता केंद्र से मिली है। राजस्व से अर्जित पैसा कहां गया, अब सरकार फिर से कर्ज लेने जा रही है। इस मौके पर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा, संगठनात्मक जिला कांगड़ा के अध्यक्ष सचिन शर्मा तथा प्रदेश भाजपा मीडिया सह प्रभारी विश्वचक्षु भी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
