पूर्णिया, 16 मार्च (हि.स.)। अमौर प्रखंड के नितेंद्र पंचायत अंतर्गत बेलगच्छी गांव में परमान नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि नदी का जलस्तर अभी सामान्य से कम है, इसके बावजूद भी नदी किनारे तेज़ कटाव जारी है। स्थिति ऐसी बन गई है कि गांव के करीब दो दर्जन परिवारों के घर सीधे कटाव की जद में आ गए हैं और उनके सामने विस्थापन का खतरा मंडराने लगा है।

कटाव के कारण पूरे गांव में भय और असमंजस का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि हर वर्ष बरसात के मौसम में परमान नदी का कटाव उनके लिए बड़ी त्रासदी बन जाता है। हर साल प्रशासन को आवेदन देकर कटाव रोकने की गुहार लगाई जाती है, लेकिन कटाव निरोधी कार्य के नाम पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो कई परिवारों को अपना घर-आंगन छोड़कर पलायन करना पड़ सकता है। नदी किनारे बसे लोग हर साल उजड़ने के डर के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। इस संबंध में कांग्रेस जिला सचिव मो. तूफान आलम सहित मशकूर, इरफान, अनवर, आरिफ, बाबुल, असफर, राजेश यादव, शाहना, गुड़िया, शमशाह, रियाज और महबूब ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान की दिशा में पहल करने का आग्रह किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव निरोधी कार्य नहीं कराया गया तो बेलगच्छी गांव का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह
