यमुनानगर, 27 जनवरी (हि.स.) देशव्यापी एक दिवसीय बैंक हड़ताल का असर मंगलवार को यमुनानगर जिले में देखने को मिला। सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकांश बैंकों में कामकाज पूरी तरह बाधित रहा, जिससे हजारों खाताधारकों को दिनभर असुविधा का सामना करना पड़ा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं बंद रहीं और बैंक परिसरों में सन्नाटा पसरा रहा।

सुबह से ही बैंक शाखाओं पर पहुंचे उपभोक्ताओं को जब ताले लगे मिले, तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। खासतौर पर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों के लिए यह स्थिति अधिक कष्टदायक रही, क्योंकि वे जरूरी वित्तीय कार्यों के लिए बैंक पर निर्भर थे। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर की गई।

बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू करना और पूर्व में हुए समझौतों को शीघ्र अमल में लाना शामिल है। यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि सहमति बनने के बावजूद अब तक इन मांगों को लेकर कोई ठोस सरकारी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। बैंकों के बंद रहने से नकद लेन-देन, चेक भुगतान, खातों से जुड़ी सेवाएं और ऋण संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग पेंशनधारकों, छोटे दुकानदारों और दैनिक लेन-देन करने वाले व्यापारियों को हुई, जिनका कामकाज सीधे बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर रहता है।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं, जिससे कुछ हद तक लोगों को राहत मिली। मजबूरी में कई उपभोक्ताओं ने अपने आवश्यक कार्यों के लिए प्राइवेट बैंकों का रुख किया। बैंक यूनियनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है, जिसका असर दोबारा आम जनता पर पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
