बीकानेर, 16 मार्च (हि.स.)। गंगाशहर राेड़ स्थित अग्रवाल भवन परिसर में कृष्णागिरी पीठाधीश्वर वसंत विजयानन्द गिरी महाराज की प्रेरणा और सान्निध्य में 19 से 29 मार्च तक आयोजित होने जा रहे विराट आध्यात्मिक महोत्सव चैत्र नवरात्रि विराट कथा यज्ञ महाेत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर हो रहे इस आयोजन में श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्मिकता और भारतीय कला का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विशाल मैदान में देशभर से आए कलाकारों द्वारा 9 कुंडीय यज्ञ वेदी, भव्य देवी भागवत कथा पांडाल और विभिन्न देवी-देवताओं के 14 भव्य मंदिरों का अस्थायी निर्माण लगभग पूर्णता की ओर है। अग्रवाल भवन परिसर में प्रवेश करते ही इन मंदिरों और यज्ञ स्थल की भव्यता आयोजन की विराटता का आभास करा रही है।

आयोजन के अंतर्गत अस्थायी रूप से 35 से 45 फीट ऊंचाई तक के 14 भव्य मंदिर बनाए जा रहे हैं। इनमें गणपति मंदिर, भैरव मंदिर, शिव-पार्वती मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर, धनदेश्वरी मंदिर, दुर्गा मंदिर, सिद्धिदात्री मंदिर, महागौरी मंदिर, करणी माता मंदिर, ललिता महात्रिपुर सुंदरी मंदिर, सरस्वती मंदिर, श्रीराम परिवार मंदिर और हनुमान मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों में देवी-देवताओं की अत्यंत कलात्मक झांकियां स्थापित की जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
गुरुभक्त संकेश जैन के अनुसार कृष्णागिरी पीठाधीश्वर जगतगुरु वसंत विजयानन्द गिरी महाराज की प्रेरणा और सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव में 9 कुंडीय विराट दिव्य यज्ञ, देवी भागवत कथा और संगीत भजन श्रृंखला का आयोजन होगा। यज्ञ में हजारों किलो मेवे, हजाराें किलाे शुद्ध चंदन की लकड़ियां और हजाराें किलाे देशी घी की आहूतियां दी जाएंगी, जिससे पूरे वातावरण में दिव्य सुगंध और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा। आयोजन का उद्देश्य भक्ति, समानता और सर्वकल्याण की भावना को मजबूत करना है, ताकि श्रद्धालु आध्यात्मिक साधना के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकें।
श्री पार्श्व पदमावती शक्ति पीठाधिपति वसंत विजयानंद जी महाराज ने कहा कि भक्ति करोगे तो सब दु:ख स्वत: ही मिट जाएंगे। वे यहां श्री पार्श्वचंद्र सूरी गच्छ जैन दादाबाड़ी (बगीची) में अतिदिव्य एवं चमत्कारी सर्वबीज मंत्रयुक्त महामांगलिक के भव्य आयोजन में आए हुए भक्तों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भक्ति में अमृतपानरूपी शक्ति होती है, इसका चमत्काररूपी फल मिलते ही श्रद्धावान को परमात्मा से साक्षात्कार हो जाता है। उन्होंने कहा, व्यक्ति के हर दुख:समस्या का समाधान सच्ची भक्ति में ही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रोग, दुख, कष्ट व आर्थिक परेशानियों ने मानव जीवन को बेहद नकारात्मकता के साथ प्रभावित किया है। महामांगलिक सुनने से सकारात्मकता आती है। आप लोग भाग्यशाली हो जिन्हें महामांगलिक सुनने का स्वर्णिम अवसर मिला है। इस महामांगलिक सुनने से 132 बीज मंत्रों की ऊर्जाशक्ति स्वरूपी महामांगलिक का श्रवण चमत्कारिक रुप से वैश्विक स्तर पर लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में टर्निंग प्वाइंट के साथ निश्चित ही विभिन्न रोगों व दुखों का निवारण कर सुख समृद्धि निश्चित ही लाएगा। कुल मिलाकर श्रद्धालुओं के लिए पूज्य गुरुदेव जगद्गुरु के इस महामांगलिक के श्रवण से अतिदिव्य मंत्रों की ऊर्जा इच्छापूर्ति, दु:ख निवृत्ति व रोग मुक्ति में निश्चित ही सहायक होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव
