कोलकाता, 07 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘संकल्प पत्र अभियान’ शुरू करने की घोषणा की है। शनिवार को सॉल्ट लेक स्थित पार्टी कार्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद समिक भट्टाचार्य और उपाध्यक्ष तपस रॉय ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया।

अपने संबोधन में समिक भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के नाम पर सत्ता में आई थीं, लेकिन पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस सरकार से निराश हो चुकी है। उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार को “जीवित जीवाश्म” करार देते हुए कहा कि अब परिवर्तन न केवल अपरिहार्य बल्कि तय है।

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य में मेरिट आधारित रोजगार समाप्त हो गया है, भ्रष्टाचार व्याप्त है और एक वर्चस्व की जगह दूसरे वर्चस्व ने ले ली है। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ के संकल्प के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास, औद्योगिकीकरण के लिए निवेश, कानून-व्यवस्था में सुधार, न्यायपालिका पर दबाव कम करने, पत्रकारों पर हमले रोकने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से संकल्प पत्र लेकर आ रही है।
उन्होंने बताया कि संकल्प पत्र को समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से तैयार करने के लिए पार्टी व्यापक अभियान चलाएगी। इस अभियान में संकल्प पत्र समिति के अध्यक्ष तपस रॉय के साथ प्रख्यात पत्रकार, पूर्व सांसद एवं पद्म भूषण से सम्मानित स्वपन दासगुप्ता, समिति के संयोजक एवं अर्थशास्त्री डॉ. अशोक लाहिड़ी, विधायक अग्निमित्रा पॉल और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार शामिल हैं।
समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि दो करोड़ 38 लाख मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने की क्षमता केवल भाजपा में है। उन्होंने कहा कि राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में अन्य ताकतें अप्रासंगिक हो चुकी हैं और जो लोग पहले ‘नो वोट टू बीजेपी’ की बात कर रहे थे, वे अब ‘नो वोट टू टीएमसी’ की ओर बढ़ेंगे।
उन्होंने जनता से खुले दिल से संकल्प पत्र के लिए सुझाव देने की अपील करते हुए बताया कि 7-18 फरवरी तक राज्यभर में हजार ड्रॉप बॉक्स लगाए जाएंगे। इसके अलावा 17 और 18 फरवरी को कोलकाता में विशेष अभियान चलाया जाएगा। सुझाव देने के लिए एक टोल-फ्री नंबर 9727294294 जारी किया गया है, जबकि ई-मेल [email protected] के माध्यम से भी सुझाव भेजे जा सकते हैं।
भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों युवाओं, छात्रों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, उद्योगपतियों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करना चाहती है।
रेलवे अवसंरचना को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल खनिज-समृद्ध राज्यों से घिरा है और केंद्र सरकार का मौजूदा बजट अवसंरचना विकास पर केंद्रित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने केंद्र की 13 प्रमुख योजनाओं जैसे विश्वकर्मा योजना, आयुष्मान भारत और ई-श्रम को केवल राजनीतिक विरोध के कारण लागू नहीं किया।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर सरकार किसी पार्टी की नहीं, बल्कि ‘पश्चिम बंगाल सरकार’ के रूप में काम करेगी, जबकि वर्तमान में सरकार को ‘तृणमूल कांग्रेस सरकार’ के रूप में देखा जाता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।——————-
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
